14 जनवरी 2021 - 13:13
इम्पीचमेन्ट की चपत से बड़बोले ट्रम्प के होश लगे ठिकाने, कॉन्ग्रेस पर हमले की निंदा की

इम्पीचमेंट से घबराए अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने अचानक स्वर बदलते हुए कहा है कि जिन लोगों ने 6 जनवरी को कॉन्ग्रेस की इमारत पर हमला किया है, उनसे क़ानून निपटेगा।

डॉनल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को वीडियो संदेश में जो हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेन्टेटिव में उनके ख़िलाफ़ इम्पीचमेन्ट प्रस्ताव के पारित होने के बाद, प्रसारित हुआ, कहाः “अमरीकी कॉन्ग्रेस पर हमला करने वालों ने हमारे प्रजातंत्र के दिल पर हमला किया। इस हमले से करोड़ों अमरीकी क्रोधित व भयभीत हैं। मैं पिछले हफ़्ते की हिंसा की निंदा करता हूँ।”

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि हिंसा व विद्रोह की अमरीका में कोई जगह नहीं है। ट्रम्प ने कहा कि हिंसा पर हमारे आंदोलन को भरोसा नहीं हैं, हमारा कोई भी सच्चा समर्थक राजनैतिक हिंसा का सहारा नहीं ले सकता।

उन्होंने चुनाव में धांधली होने के दावे को दोहराए बिना बिल्कुल ही बदले स्वर में कहाः चाहे दक्षिण पंथी, चाहे वामपंथी, चाहे डेमोक्रेट्स चाहे रिपब्लिकन्ज़ हो, हिंसा का कोई औचित्य नहीं दर्शाया जा सकता। जो लोग पिछले हफ़्ते की हिंसा में लिप्त थे, उन्हें अदालत के हवाले कर दिया जाएगा।

मौजूदा अमरीकी राष्ट्रपति ख़ुद को क़ानून का समर्थक और कॉन्ग्रेस पर हमले का विरोधी ऐसी हालत में दिखा रहे हैं कि अमरीकी प्रतिनिधि सभा का गुरुवार तड़के उनके ख़िलाफ़ इम्पीचमेंट का प्रस्ताव, 197 के मुक़ाबले में 232 वोटों से पास हो गया। वह पहले अमरीकी राष्ट्रपति हैं, जिनके ख़िलाफ़ राष्ट्रपति काल में दूसरी बार इम्पीचमेन्ट प्रस्ताव लाया गया।

दूसरी ओर अमरीका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक बयान में 6 जनवरी को कॉन्ग्रेस की घटना को सुनियोजित बताया जिसके पीछे ट्रम्प का हाथ था।

बाइडेन ने गुरुवार को बयान में, जो आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित हुआ, लिखाः“पिछले हफ़्ते हमने डेमोक्रेसी पर हमले देखे। ऐसी चीज़ हमने 244 साल के अपने राष्ट्र के इतिहास में नहीं देखी।”

अमरीका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बाइडेन ने कॉन्ग्रेस पर धावे को अपराध बताते हुए कहाः “यह आपराधिक हमले सुनियोजित व समन्वित थे जिसे राजनैतिक चरमपंथियों व भीतरी आतंकियों ने अंजाम दिया और इसके पीछे ट्रम्प का हाथ था।”

बाइडेन ने पिछले हफ़्ते कॉन्ग्रेस पर धावे को संयुक्त राज्य अमरीका के ख़िलाफ़ सशस्त्र विद्रोह बताते हुए कहा कि जो लोग ज़िम्मेदार हैं उन्हें दंडित किया जाए।

ग़ौरतलब है कि 6 जनवरी को अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के समर्थकों ने इस देश की संसद की इमारत कैपिटल पर धावा बोल कर कई घंटे तक क़ब्ज़ा कर रखा था। इस हमले में 1 पुलिस कर्मी सहित 6 लोग मारे गए।